झारखंड मुख्यमंत्री ने किया शिक्षकों के नवाचारों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन

श्री अरविंद सोसाइटी द्वारा सरकारी शिक्षकों के शून्य निवेश नवाचारों को मिली पहचान, पुस्तिका में संकलित हैं शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने के श्रेष्ठ प्रयास

 

Jharkhand Chief Minister along with other dignitaries launching the ZIIEI Navachar Pustika in Ranchi today.

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ नवाचार पुस्तिका का विमोचन करते हुए |

 

रांची, 8 अगस्त 2018: मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज राज्य के सरकारी शिक्षकों द्वारा विकसित शून्य निवेश नवाचारों पर बनी ‘नवाचार पुस्तिका’ का विमोचन किया। राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री के साथ-साथ शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी और प्रधान सचिव, शिक्षा, श्री ए.पी सिंह भी उपस्थित थे। यह पुस्तिका श्री अरविंद सोसाइटी द्वारा संचालित ‘शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार’ (ZIIEI) कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सरकारी शिक्षकों के शून्य निवेश नवाचारों का संकलन है।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने प्रदेश के शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि, “शिक्षकों के योगदान से न सिर्फ राज्य का प्रगति पथ प्रबल होता है, बल्कि युवा पीढ़ी को भी बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए दिशा मिलती है।”

 

यह नवाचार पुस्तिका राज्य के सुदूर इलाकों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (SEAL) के उद्देश्यों की पूर्ति करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुस्तिका में पठन-पाठन को सरल एवं सजह बनाने, विद्यालयों में छात्रों के नामांकन दर में वृद्धि और ठहराव लाने के लिए सरकारी शिक्षकों के श्रेष्ठ प्रयासों और गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।

 

शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ मानते हुए श्री अरविंद सोसाइटी के सदस्य- प्रबंधन श्री संभ्रांत ने कहा कि, “ यदि शिक्षकों के नवाचारों और प्रयासों को सम्मान एवं सहयोग दिया जाए, तो शिक्षा संबंधी कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है।”

 

झारखंड में ZIIEI की शुरुआत 2017 में की गई थी। एक वर्ष के भीतर ही यह कार्यक्रम हज़ारों सरकारी शिक्षकों को नवाचार प्रेरित शिक्षण की ओर अग्रसर कर चुका है। अब तक लगभग 12,000 शिक्षक अपने नवाचार प्रस्तुत कर चुके हैं। इसमें से 32 शिक्षकों के नवाचार इस नवाचार पुस्तिका में प्रकाशित किए गए हैं, जिनका प्रचार न सिर्फ झारखंड में, बल्कि पूरे देश में किया जाएगा।